उत्तराखंड में एक बार फिर परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) में इंजीनियरिंग के दो विषयों के प्रश्नपत्र कथित रूप से लीक होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक आशीष कुमार शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सहायक प्रोफेसर हैं। वह विश्वविद्यालय की परीक्षा के लिए पेपर सेटर की जिम्मेदारी निभा रहे थे। आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप में छात्रों को ऐसे प्रश्न भेजे, जिनमें से अधिकांश सवाल वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच कराई, जिसमें अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित परीक्षा रद्द कर दी गई। बाद में यह भी पता चला कि एक अन्य विषय का प्रश्नपत्र भी पहले ही लीक हो चुका था, जिसके चलते उसे भी निरस्त करना पड़ा।
विश्वविद्यालय की कुलपति तृप्ता ठाकुर ने बताया कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। उन्हें अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा संबंधी गतिविधि से दूर रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना विश्वविद्यालय की नैतिक जिम्मेदारी है। साथ ही संबंधित कॉलेज से भी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने को कहा गया है।
बताया जा रहा है कि 8 जुलाई को आयोजित Machine Learning for Internet of Things विषय की परीक्षा को लेकर छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका दावा था कि परीक्षा में पूछे गए करीब 90 प्रतिशत प्रश्न पहले ही व्हाट्सएप के जरिए साझा किए जा चुके थे। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि दोनों विषयों की परीक्षाएं अब अगस्त में दोबारा आयोजित की जाएंगी, जिसकी नई तिथियां जल्द जारी की जाएंगी।


