ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और भोपाल की स्थानीय अदालत में सुनवाई हुई। मामले को गंभीर मानते हुए Supreme Court of India ने स्वतः संज्ञान लिया है। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार पहले ही हो चुका है। अदालत ने इस बात पर चिंता जताई कि कुछ सार्वजनिक बयानों और मीडिया इंटरव्यू के कारण मामले को लेकर गलत धारणा बनाई जा रही है। कोर्ट ने विशेष रूप से गिरिबाला सिंह के इंटरव्यू का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी से मामले की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जांच पहले से चल रही है और यदि आवश्यक हुआ तो मामला Central Bureau of Investigation को सौंपा जा सकता है। अदालत ने सभी पक्षों से अपील की कि वे जांच पूरी होने से पहले कोई भी पूर्व-निष्कर्ष या सार्वजनिक टिप्पणी न करें। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि मीडिया को परिवार के बयानों के आधार पर निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए और स्वतंत्र जांच एजेंसी पर भरोसा रखना चाहिए। संभावित गवाहों और आरोपियों को भी निर्देश दिया गया कि वे मीडिया में बयान देने के बजाय अपने बयान जांच एजेंसी के सामने दर्ज कराएं। सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सीबीआई जल्द ही जांच अपने हाथ में ले सकती है और इसके लिए आवश्यक औपचारिक प्रक्रिया जारी है। अदालत ने उम्मीद जताई कि जांच एजेंसी जल्द कार्रवाई शुरू करेगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।









