भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 24 अप्रैल को लगातार तीसरे दिन तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1% तक टूट गए। 30 शेयरों वाला BSE Sensex 1,000 से अधिक अंक गिरकर 76,680.75 के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि NIFTY 50 भी गिरकर 23,899.25 पर बंद हुआ। इस गिरावट के चलते एक ही दिन में निवेशकों को लगभग ₹6 लाख करोड़ का नुकसान हुआ, जबकि पिछले तीन कारोबारी सत्रों में कुल मिलाकर करीब ₹9 लाख करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो गई। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 469 लाख करोड़ रुपये से घटकर 460 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है।
बाजार में यह दबाव मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, रुपये की कमजोरी, विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण देखने को मिल रहा है। इस हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 18% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे महंगाई और कारोबारी लागत बढ़ने की आशंका गहरा गई है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। पिछले चार सत्रों में उन्होंने ₹8,300 करोड़ से अधिक की बिकवाली की है, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।









