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होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से तेल बाजार गरमाया, WTI उछला, ब्रेंट 96 डॉलर के ऊपर पहुंचा

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी के चलते सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।

अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड की कीमत करीब 7.5% बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो सप्लाई बाधित होने की आशंका को दर्शाती है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड में भी लगभग 6.5% की तेजी आई और यह 96 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया। इससे साफ है कि बाजार में अनिश्चितता तेजी से बढ़ रही है।

तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान ने अमेरिका पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाया। यह आरोप ओमान की खाड़ी में एक ईरानी कार्गो जहाज पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद सामने आया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि जहाज नौसैनिक नाकाबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था, जिसके चलते उसे रोका गया।

इस घटना के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उधर, डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने भी स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी युद्धपोत USS Spruance ने ‘Touska’ नामक जहाज को रोकने के लिए कार्रवाई की और फिलहाल जहाज अमेरिकी मरीन के कब्जे में है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज मार्ग बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।