चार करोड़ रुपये की कथित रंगदारी और भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में पंजाब पुलिस ने टांडा थाने के पूर्व थाना प्रभारी गुरिंदरजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के ऑपरेशन “हार्ड बॉल” के दौरान उनका नाम सामने आया। जांच एजेंसियों के अनुसार, गुरिंदरजीत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के कुछ सदस्यों के साथ मिलकर अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से बड़ी रकम की उगाही की साजिश रची।
मामले की जांच पूरी होने के बाद जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला के निर्देश पर गुरिंदरजीत सिंह के खिलाफ रंगदारी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। इस पूरे प्रकरण की जांच जालंधर के एसपी (इन्वेस्टिगेशन) वनीत अहलावत को सौंपी गई थी।
यह मामला 15 जनवरी 2026 को टांडा के गांव मियाणी में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की हत्या से भी जुड़ा हुआ है। शुरुआती जांच में पुलिस ने अमेरिका में रह रहे रिटायर्ड एएसआई चरनजीत सिंह को इस हत्या का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। हालांकि बाद में अमेरिकी एजेंसियों ने दावा किया कि इसी मामले में राहत दिलाने और कानूनी कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर उनके परिवार से करीब चार लाख अमेरिकी डॉलर की रंगदारी मांगी गई।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस कथित उगाही के नेटवर्क में कुछ भारतीय पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनमें तत्कालीन थाना प्रभारी गुरिंदरजीत सिंह का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। उनकी गिरफ्तारी के बाद अब पंजाब पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई हैं।


