प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद पंजाब के जालंधर पहुंचकर राज्य को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। उन्होंने करीब 5,470 करोड़ रुपये की रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने डिजिटल माध्यम से जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन सहित देश के 75 आधुनिकीकृत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। साथ ही अमृतसर-वाराणसी श्री संत रविदास एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रधानमंत्री ने दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के 30.9 किलोमीटर लंबे पैकेज-6 का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके अलावा 25.2 किलोमीटर लंबे छह लेन दक्षिणी लुधियाना ग्रीनफील्ड बाईपास की आधारशिला रखी, जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर होने और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। जालंधर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने डेरा बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात की और वहां मौजूद विद्यार्थियों से भी बातचीत की। इसे सामाजिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, वरिष्ठ नेता तरुण चुघ, अश्वनी शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी और सांसद परनीत कौर, राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, सुनील जाखड़, विजय सांपला और मनोरंजन कालिया सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। मंच से हरभजन सिंह ने पंजाब को नशामुक्त बनाने का आह्वान किया, जबकि सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब प्रधानमंत्री मोदी की कर्मभूमि रहा है।


