जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अब तक इस प्राकृतिक आपदा में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोगों के अब भी लापता होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव अभियान जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
सबसे ज्यादा नुकसान पुंछ के सुरनकोट क्षेत्र में हुआ, जहां एक ही परिवार के छह सदस्यों समेत नौ लोगों की जान चली गई। वहीं हवेली इलाके में एक अन्य व्यक्ति की मौत हुई। कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए नावों, हेलिकॉप्टरों और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर भोजन, दवाइयों और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
भारी बारिश का असर हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिला है। चंबा जिले के भटियात क्षेत्र में लाहडू-सिंहुंता सड़क पर भारी भूस्खलन हुआ, जिससे पूरा पहाड़ सड़क पर आ गिरा और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। यह सड़क धर्मशाला, चंबा और डलहौजी को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। प्रशासन प्रभावित लोगों के इलाज, राहत, पुनर्वास और मुआवजा प्रक्रिया को तेज करने में जुटा है। भारतीय मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा जारी रहने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण पहाड़ी राज्यों में अत्यधिक वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन व मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।


