महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे की कानूनी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। मुंबई की माझगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनके खिलाफ एक मानहानि मामले में जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला संजय राउत द्वारा दायर किया गया था, जिसमें उन्होंने राणे पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
दरअसल, मई 2023 में राणे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के माध्यम से राउत पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि राउत जल्द ही उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एनसीपी में शामिल हो जाएंगे। इतना ही नहीं, राणे ने राउत की तुलना ‘सांप’ से करते हुए उन पर पर्दे के पीछे साजिश रचने के आरोप भी लगाए थे। इन बयानों को राउत ने पूरी तरह झूठा और अपमानजनक बताया और कहा कि इससे उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
मामले को लेकर राउत ने अदालत का रुख किया, जिसके बाद कोर्ट ने राणे को कई बार समन जारी कर पेश होने के निर्देश दिए। हालांकि, बार-बार बुलाने के बावजूद राणे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। राउत की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि यह मामला जनप्रतिनिधियों से जुड़ा है, इसलिए इसकी जल्द सुनवाई जरूरी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इस केस में राणे के खिलाफ वारंट जारी हो चुके हैं, जिन्हें बाद में रद्द करवा लिया गया था।









