Delhi

दिल्ली में कॉमर्शियल वाहनों की एंट्री महंगी, MCD ने बढ़ाया पर्यावरण शुल्क; अब देना होगा ज्यादा टैक्स

दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयासों के तहत नगर निगम (MCD) ने वाणिज्यिक वाहनों पर लगने वाले पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) में बड़ी बढ़ोतरी की है। यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसके तहत हल्के मोटर वाहनों (LMV) पर शुल्क 1400 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है, जबकि भारी ट्रकों के लिए यह 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये कर दिया गया है। अलग-अलग श्रेणियों में यह वृद्धि करीब 40 से 50 प्रतिशत तक की है।

MCD टोल विभाग ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया है, जिसका उद्देश्य दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना है। नई व्यवस्था के तहत वाहनों को उनके आकार और भार के अनुसार वर्गीकृत किया गया है, ताकि अधिक प्रदूषण फैलाने वाले भारी वाहनों पर अधिक शुल्क लगाया जा सके।

नए नियमों के बाद आवश्यक वस्तुओं जैसे सब्जी, फल, दूध और अनाज ले जाने वाले वाहनों को मिलने वाली पुरानी छूट भी समाप्त कर दी गई है। अब इन सभी वाहनों को भी नई ECC दरों के अनुसार भुगतान करना होगा, जिससे परिवहन लागत बढ़ने की संभावना है।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार हर साल 1 अप्रैल से ECC शुल्क में 5 प्रतिशत की अनिवार्य वृद्धि की जाएगी। वहीं, गाजीपुर जैसे व्यस्त टोल नाकों पर वाहनों की जांच के लिए रुकने की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है, जिससे ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है।

निगम के अनुसार, 2024-25 में टोल और ECC से लगभग 958 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि 2025-26 में यह आंकड़ा 864 से 900 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है। नई दरों का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव को भी नियंत्रित करना है।