पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत में एलपीजी और ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य बनी हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में एक दिन में 53.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई, जो सामान्य मांग के अनुरूप है। इससे साफ है कि उपभोक्ताओं को फिलहाल गैस की किसी कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। इस बीच, लगभग 39,000 पाइप्ड गैस (PNG) उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपने कनेक्शन सरेंडर किए हैं, क्योंकि कई क्षेत्रों में लोग अब सिलेंडर की बजाय पाइप्ड गैस की ओर रुख कर रहे हैं।
ऑटो सेक्टर में भी एलपीजी की मांग तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की ऑटो एलपीजी बिक्री बढ़कर औसतन 305 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंच गई है, जो पिछले महीनों की तुलना में काफी अधिक है। समुद्री परिवहन के मोर्चे पर भी राहत की खबर है, जहां भारतीय ध्वज वाला कच्चा तेल टैंकर “देश गरिमा” सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुका है। इस टैंकर में 31 भारतीय नाविक सवार हैं और इसके 22 अप्रैल तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।
हालांकि, क्षेत्र में भारतीय जहाजों पर हुई घटना को लेकर भारत ने गंभीर चिंता जताई है और संबंधित देश के राजदूत को तलब कर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, हवाई यात्रा पर भी फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है और अब तक लाखों यात्री इस रूट से भारत आ चुके हैं। कुल मिलाकर, मौजूदा वैश्विक तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा और परिवहन व्यवस्था स्थिर बनी हुई है, हालांकि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।









