Madhya Pradesh

मध्य प्रदेश: 17 साल की मेहनत से विंध्य को चीर बनी देश की सबसे लंबी जल सुरंग

मध्य प्रदेश के स्लीमनाबाद क्षेत्र में इंजीनियरिंग का एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया है। करीब 17 सालों की लगातार मेहनत के बाद बारगी व्यपवर्तन परियोजना के तहत 11.952 किलोमीटर लंबी और 10.14 मीटर व्यास वाली देश की सबसे लंबी सिंचाई जल सुरंग का निर्माण पूरा हो गया है। मंगलवार दोपहर टनल बोरिंग मशीन ने पहाड़ की अंतिम चट्टान को भेदते ही दोनों और से बनाई गई सुरंगें आपस में जुड़ गईं और यह महत्वाकांक्षी परियोजना अपने सबसे अहम पड़ाव तक पहुंच गई।

यह सुरंग केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि विंध्य क्षेत्र के हजारों किसानों और गांवों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। इसके जरिए नर्मदा का पानी बिना किसी पंप की मदद के प्राकृतिक ढलान के सहारे उन इलाकों तक पहुंचेगा, जहां वर्षों से सिंचाई की कमी रही है। इससे खेती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जल प्रबंधन को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस परियोजना को पूरा करना आसान नहीं था। सुरंग निर्माण के दौरान इंजीनियरों को कठोर चट्टानों, भूजल, गैस रिसाव, दरारों और बार-बार खराब होती टनल बोरिंग मशीन जैसी कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कई बार काम रुका, मशीनों की मरम्मत हुई और नई रणनीति के साथ दो अलग-अलग दिशाओं से खुदाई शुरू की गई। आधुनिक सर्वेक्षण तकनीक और सटीक गणनाओं की मदद से आखिरकार दोनों सुरंगों को एक ही बिंदु पर सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया।

17 साल के इस लंबे सफर में कई इंजीनियर, अधिकारी और मजदूर बदले, लेकिन लक्ष्य नहीं बदला। अंतिम चट्टान टूटते ही वर्षों की मेहनत रंग लाई और देश को अपनी सबसे लंबी सिंचाई जल सुरंग मिल गई। यह उपलब्धि आधुनिक इंजीनियरिंग, तकनीक और हजारों श्रमिकों के समर्पण का ऐसा उदाहरण है, जो आने वाले वर्षों तक भारत के बुनियादी ढांचे की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाएगा।