भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। Indian Railways के तहत उत्तरी रेलवे (Northern Railway) के 1,478 किलोमीटर से अधिक रेल मार्ग पर स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ लगाने को मंजूरी दे दी गई है। यह प्रणाली ट्रेनों के बीच टकराव रोकने और सिग्नलिंग सिस्टम को और सुरक्षित बनाने में मदद करेगी। इस परियोजना के तहत Northern Railway के फीरोज़पुर डिवीजन में 1,012 किलोमीटर ट्रैक पर लगभग 241 करोड़ रुपये की लागत से ‘कवच’ सिस्टम स्थापित किया जाएगा। वहीं जम्मू डिवीजन के 466 किलोमीटर रेल मार्ग पर 121 करोड़ रुपये खर्च कर यह तकनीक लागू की जाएगी, जिससे इस पूरे क्षेत्र में रेल सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
‘कवच’ एक स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जो ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने में सक्षम माना जाता है। इसके साथ ही 40 मीटर ऊंचे संचार टावर और एंटीना इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किए जाएंगे ताकि सिस्टम निर्बाध रूप से काम कर सके। इससे रेल नेटवर्क और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगा। यह कदम रेलवे के उस व्यापक आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पहले भी करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें सिग्नलिंग, संचार और लोकोमोटिव सुरक्षा सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। कुल मिलाकर, यह परियोजना भारतीय रेलवे के भविष्य को और अधिक सुरक्षित, तकनीकी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।









