कांगड़ा जिले की फतेहपुर विधानसभा में पौंग बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश का अब तक का सबसे लंबा पुल आकार लेने जा रहा है। लगभग 800 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण कार्य को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। करीब 105 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना कोष (CRIF) के तहत सेतु बंधन योजना में शामिल है और इसे 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह पुल स्थाना गांव के श्रांई क्षेत्र के पास बनाया जा रहा है। इसके तैयार होने से हिमाचल और पंजाब के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा। अभी पौंग बांध के ऊपर बनी अप्रोच रोड से सीमित समय में ही वाहनों को गुजरने की अनुमति मिलती है और पैदल आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है। सुरक्षा कारणों से रात के समय रास्ता बंद रहता है और दोनों ओर पुलिस जांच चौकियां हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
नए पुल के चालू होते ही ये सभी पाबंदियां खत्म होंगी। इससे फतेहपुर, जवाली, इंदौरा और जसवां-परागपुर क्षेत्रों के हजारों निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। खास तौर पर पंजाब का तलवाड़ा बाजार, जो संसारपुर टैरेस से बेहद नजदीक है, अब आसानी से जुड़ सकेगा। व्यापार, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी इससे नई गति मिलने की उम्मीद है।
फतेहपुर के जखबड़ में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र, टटवाली में चल रहे निर्माण कार्य और आसपास की सीवरेज परियोजनाएं इस पुल से और प्रभावी होंगी। स्थानीय विधायक भवानी सिंह पठानियां का कहना है कि यह पुल केवल एक संरचना नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में मजबूत कदम साबित होगा।









