दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)के दौरान कई चर्चित लोगों के वोटर रिकॉर्ड में विसंगतियां मिलने के बाद नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, करीब 33.1 लाख मतदाताओं को रिकॉर्ड में ‘नो मैपिंग’ या ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ जैसी श्रेणियों के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।
‘नो मैपिंग’ का मतलब ऐसे मामलों से है, जहां मौजूदा वोटर रिकॉर्ड को 2002 की पिछली मतदाता सूची से जोड़ा नहीं जा सका। वहीं, ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ में नाम, उम्र, माता-पिता या अन्य विवरणों में असंगति जैसे मामले शामिल हैं। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को तत्काल मतदाता सूची से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। उन्हें अपने रिकॉर्ड और पात्रता से जुड़े दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जा रहा है।
SIR के तहत जारी नोटिस में कई प्रमुख नेताओं और अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और उनके परिवार के रिकॉर्ड में भी अलग-अलग तरह की विसंगतियां दर्ज की गई हैं। कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के रिकॉर्ड भी पिछली सूची से लिंक नहीं हो पाए हैं। दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को जारी की गई थी। नोटिस और दावों-आपत्तियों की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलनी है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जानी है।


