भारतीय क्रिकेट में प्रतिभाओं की लगातार बढ़ती संख्या ने चयनकर्ताओं को नई रणनीति अपनाने का मौका दिया है। Board of Control for Cricket in India अब 30-35 खिलाड़ियों का एक बड़ा पूल तैयार करने की योजना बना रहा है, ताकि एक ही समय पर दो मजबूत टी20 टीमें उतारी जा सकें। इस कदम की जरूरत इसलिए महसूस हुई है क्योंकि आने वाले समय में एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज़ जैसे टूर्नामेंट एक साथ हो सकते हैं।
बोर्ड के अनुसार, आयरलैंड दौरा इस नई रणनीति की पहली परीक्षा साबित हो सकता है, जहां बड़े खिलाड़ी समूह के साथ टीम भेजी जाएगी। इसके जरिए भविष्य के लिए तैयार खिलाड़ियों की पहचान और उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने पर जोर रहेगा। इस योजना में आईपीएल का अहम योगदान है, जहां से कई युवा खिलाड़ी उभरकर सामने आए हैं। बल्लेबाजी में Yashasvi Jaiswal, वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य जैसे नाम चर्चा में हैं, जबकि रजत पाटीदार और आयुष बडोनी भी चयनकर्ताओं की नजर में हैं। ऑलराउंडर के रूप में शशांक सिंह और अनुकूल रॉय को संभावित विकल्प माना जा रहा है।
गेंदबाजी में Ravi Bishnoi, खलील अहमद और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती देते हैं। वहीं विकेटकीपर के रूप में ध्रुव जुरेल प्रमुख दावेदार हैं। टीम की कप्तानी Shreyas Iyer को सौंपी जा सकती है। यह रणनीति साफ दर्शाती है कि भारत अब सिर्फ एक मजबूत टीम नहीं, बल्कि समानांतर रूप से दो प्रतिस्पर्धी टी20 टीमें तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।









