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अनशन के दो दिन में बिगड़ी तबीयत, अभिजीत दीपके बोले- संघर्ष आसान नहीं

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विभिन्न छात्र संगठनों ने अब अपने आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी कर ली है। आंदोलन के बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि अनशन के दूसरे ही दिन उनकी तबीयत पर असर पड़ने लगा है और अब उन्हें एहसास हो रहा है कि लंबे समय तक भूख हड़ताल जारी रखना कितना कठिन होता है।

अभिजीत दीपके ने कहा कि कई दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों का संघर्ष वास्तव में प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जो लोग लगातार इतने दिनों से बिना भोजन के आंदोलन कर रहे हैं, उनका संकल्प और धैर्य काबिले-तारीफ है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वह फिलहाल अपनी ऊर्जा बचा रहे हैं ताकि आगामी कार्यक्रमों में पूरी मजबूती के साथ हिस्सा ले सकें।

सीजेपी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया जाएगा। अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि उनका अनिश्चितकालीन अनशन भी आंदोलन की मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने पुष्टि की है कि यदि वांगचुक मार्च में शामिल नहीं हो पाते हैं तो वह स्वयं प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करेंगी।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने शनिवार को सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। पुलिस के अनुसार यह कदम डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया। वांगचुक 28 जून से नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। आंदोलनकारी इन मामलों में जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।