प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहादुरी और सूझबूझ का परिचय देने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की। इस दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को घटना की पूरी जानकारी दी और बताया कि बेहद मुश्किल परिस्थिति में उन्होंने किस तरह हिम्मत बनाए रखी। प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि पूरा देश कैप्टन स्मित के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सूझबूझ, साहस और धैर्य ने कई लोगों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की पहचान दूसरों की जान लेने वाले देश के रूप में नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वालों के देश के रूप में है।
इससे पहले घटना के दिन भी प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कैप्टन स्मित की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि बेहद कठिन हालात में पायलट ने जिस धैर्य, साहस और समझदारी का परिचय दिया, उससे पूरे देश को गर्व हुआ। कैप्टन स्मित मच्छार वही पायलट हैं, जिन्होंने कथित तौर पर चाकू के हमले में घायल होने के बावजूद फ्लाईदुबई की उड़ान में सवार करीब 180 यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। बताया गया है कि दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट के दौरान को-पायलट ने उन पर हमला किया था। गंभीर स्थिति के बावजूद कैप्टन स्मित ने विमान को संभालते हुए यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कैप्टन स्मित मूल रूप से भारत के रहने वाले हैं। वह वर्ष 2022 से अमीरात सरकार के स्वामित्व वाली एयरलाइन फ्लाईदुबई में कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने करीब 10 साल तक स्पाइसजेट में काम किया। उनके पास बोइंग 737 विमानों पर 13 साल से अधिक का कमर्शियल उड़ान अनुभव और 9,750 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव बताया जाता है। उन्होंने 2011 में स्पाइसजेट जॉइन किया था।


