वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर को कई महत्वपूर्ण सौगातों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रानी दुर्गावती की ऐतिहासिक विरासत और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में जबलपुर स्थित डुमना एयरपोर्ट का नामकरण वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री बरगी क्षेत्र के नरई नाला स्थित रानी दुर्गावती के समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि जबलपुर में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से रानी दुर्गावती के नाम पर एक आधुनिक चिड़ियाघर और वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर विकसित किया जाएगा। यह परियोजना प्रदेश की प्रमुख विकास योजनाओं में शामिल होगी और इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह द्वारा एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखने की मांग पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार से बातचीत कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी, ताकि एयरपोर्ट को रानी दुर्गावती की ऐतिहासिक पहचान से जोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में भी एक अहम निर्णय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब किसानों को फसल ऋण चुकाने के लिए हर साल 31 मार्च की तय समयसीमा के दबाव से राहत दी जाएगी। नई व्यवस्था के अनुसार, किसान जिस तारीख को ऋण लेंगे, अगले वर्ष उसी तारीख तक उसे चुका सकेंगे। उदाहरण के तौर पर यदि किसी किसान ने 30 जून को ऋण लिया है, तो उसे अगले वर्ष 30 जून तक भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से किसानों को आर्थिक योजना बनाने में सुविधा होगी और उन पर अनावश्यक वित्तीय दबाव कम होगा। सरकार का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना और उनकी आय को स्थिरता प्रदान करना है।









