हाल ही में फुकेत से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान के दौरान हुई गंभीर घटना के बाद एयरलाइन ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। कंपनी ने अपने समूह के सभी पायलटों की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग का आदेश दिया है। अब गुरुग्राम अकादमी, फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर और सभी प्रमुख बेस लोकेशन पर उड़ान से पहले पायलटों के नशीले पदार्थों के सेवन की जांच की जाएगी।
यह कदम 4 अगस्त 2026 को दिल्ली-फुकेत रूट पर संचालित फ्लाइट संख्या AI2379 में हुई घटना के बाद उठाया गया है। वापसी के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था, जिससे टर्बुलेंस जैसी स्थिति पैदा हुई और 15 से अधिक यात्री घायल हो गए थे। जांच के दौरान मुख्य पायलट (पायलट-इन-कमांड) का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया, जिसमें उनके द्वारा मारिजुआना (गांजा) के सेवन की बात सामने आई। क्रू मेंबर द्वारा इसकी शिकायत किए जाने और कन्फर्मेटरी टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद विमानन मंत्रालय और सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है।
घटना के बाद केंद्र सरकार ने एयर इंडिया को अपनी ऑपरेशनल निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके साथ ही, नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को भी एविएशन कर्मचारियों के ड्रग टेस्ट से जुड़े नियमों को तुरंत कड़े करने को कहा गया है। एअर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि यद्यपि वे पहले से ही डीजीसीए के सभी नियमों का पालन करते हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन पर लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए नियमों से बढ़कर यह कदम उठाया जा रहा है। सरकार और एयरलाइंस के इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि विमानन सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


