मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट के चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। क्रॉस वोटिंग की आशंका और सियासी समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। इसी के तहत कांग्रेस विधायक दल के सभी सदस्य भोपाल से विशेष विमान द्वारा बंगलूरू रवाना हुए, जहां वे करीब 10 दिनों तक प्रदेश से बाहर रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस दौरान विधायकों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम, भ्रमण और धार्मिक यात्राओं की भी योजना बनाई गई है। कुछ विधायकों के तिरुपति दर्शन के कार्यक्रम की चर्चा भी सामने आई है। पार्टी का उद्देश्य मतदान से पहले अपने विधायकों को एक साथ रखकर किसी भी तरह की टूट या असंतोष की संभावना को खत्म करना है।
मध्य प्रदेश की इस सीट पर भाजपा द्वारा अपने उम्मीदवार की घोषणा के बाद मुकाबला और रोचक हो गया है। कांग्रेस अपनी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। भोपाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर विधायकों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया, जिसके बाद सभी विधायक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया है और सभी विधायक पूरी तरह पार्टी के साथ एकजुट हैं।
विधायकों के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे और पूरी यात्रा व्यवस्था पर नजर रखी गई। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि सभी 62 विधायक मजबूती से पार्टी के साथ खड़े हैं और किसी प्रकार की टूट की कोई संभावना नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है, जिससे राज्यसभा चुनाव का यह मुकाबला और अधिक दिलचस्प बन गया है।









