NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया है। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया। इससे पहले सभी नेताओं ने संसद परिसर से प्रधानमंत्री आवास तक विरोध मार्च निकाला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
धरने के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती और उनके भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब मांगने के लिए विपक्ष प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकार न तो इस मामले की जिम्मेदारी स्वीकार कर रही है और न ही संसद में इस पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि देश का युवा खुद को असुरक्षित और निराश महसूस कर रहा है। उनका आरोप था कि परीक्षा प्रणाली पर से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और जिम्मेदार लोग अपने पदों पर बने रहते हैं, तो यह व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पर कुछ चुनिंदा प्रभावशाली समूहों का दबदबा बढ़ता जा रहा है, जिससे आम छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उनके अनुसार यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और अवसरों से जुड़ा मामला है। कांग्रेस ने सरकार से इस विषय पर संसद में चर्चा कराने, पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।


