मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार ने पुरानी बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) नीति को वापस लेते हुए नई “दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी 2026” का मसौदा जारी किया है। सरकार ने पर्यटन उद्योग, संपत्ति मालिकों और आम नागरिकों से 30 दिनों के भीतर सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद अंतिम नीति लागू की जाएगी।
नई नीति का उद्देश्य दिल्ली में पर्यटकों के लिए किफायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना, होम-स्टे सेक्टर को व्यवस्थित करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है। यह नीति पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में लागू होगी और अधिसूचना जारी होने की तारीख से पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी। हालांकि होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, हॉस्टल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिसॉर्ट जैसी व्यावसायिक आतिथ्य इकाइयों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
नीति के अनुसार केवल आवासीय संपत्ति का मालिक ही B&B यूनिट के लिए आवेदन कर सकेगा। एक यूनिट में न्यूनतम एक और अधिकतम आठ कमरों की अनुमति होगी, जबकि कुल 16 बिस्तरों तक की व्यवस्था की जा सकेगी। सभी संचालकों को पुलिस सत्यापन, अग्नि सुरक्षा नियमों और भवन उपनियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बाद सात कार्य दिवस के भीतर डिम्ड अप्रूवल दिया जाएगा। पंजीकृत इकाइयों को गोल्ड और सिल्वर श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। गोल्ड कैटेगरी में बेहतर फर्निशिंग, अटैच बाथरूम, 24 घंटे गर्म-ठंडे पानी की सुविधा, CCTV, फर्स्ट एड बॉक्स और बेहतर हाउसकीपिंग जैसी सुविधाएं अनिवार्य होंगी।
सरकार को बिना पूर्व सूचना निरीक्षण का अधिकार होगा। नियमों के उल्लंघन, गलत जानकारी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर पंजीकरण निलंबित या रद्द किया जा सकता है।









