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सरकारी बैंकों ने बनाया नया रिकॉर्ड, FY 2025-26 में 1.98 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा

देश के सरकारी बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे बड़ा शुद्ध लाभ दर्ज करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) का कुल नेट प्रॉफिट 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। यह लगातार चौथा साल है जब सरकारी बैंक मजबूत मुनाफे में रहे हैं।

मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, बेहतर एसेट क्वालिटी, ऋण वितरण में वृद्धि और आय बढ़ने से बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। इस दौरान सरकारी बैंकों का कुल परिचालन लाभ 3.21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्त वर्ष में सरकारी बैंकों ने औसतन हर सेकंड 62 हजार रुपये से अधिक का लाभ कमाया।

31 मार्च 2026 तक सरकारी बैंकों का कुल कारोबार बढ़कर 283.3 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत अधिक है। वहीं कुल जमा राशि 156.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे बैंकों पर ग्राहकों के भरोसे का संकेत मिलता है। बैंकों द्वारा दिए गए कुल ऋण में भी लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 127 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इससे स्पष्ट है कि उद्योग, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में कर्ज की मांग लगातार बढ़ रही है।

इस दौरान सरकारी बैंकों की खराब ऋण स्थिति यानी एनपीए में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ग्रॉस एनपीए घटकर 1.93 प्रतिशत और नेट एनपीए 0.39 प्रतिशत पर आ गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर स्थिति मानी जा रही है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि मजबूत जोखिम प्रबंधन, बेहतर रिकवरी व्यवस्था और संतुलित बैंकिंग नीतियों ने सरकारी बैंकों को इस रिकॉर्ड प्रदर्शन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।