NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद पेपर लीक मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा में देशभर से 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। अब मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है और राजस्थान पुलिस के साथ अन्य एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का कनेक्शन राजस्थान, केरल, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तराखंड और बिहार तक फैला हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान के चूरू से जुड़े एक मेडिकल छात्र के जरिए प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर पहुंची। इसके बाद सीकर में संचालित एक कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर प्रश्नों का क्वेश्चन बैंक तैयार कर छात्रों तक पहुंचाया।बताया जा रहा है कि पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुपों के माध्यम से अलग-अलग राज्यों में फैलाया गया। जांच एजेंसियों को कई डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनमें चैट, पीडीएफ फाइलें और संदिग्ध ऑनलाइन ग्रुप शामिल हैं।
राजस्थान पुलिस की पूछताछ में कुछ आरोपियों के नाम सामने आए, जिसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच में यह भी दावा किया जा रहा है कि परीक्षा का पेपर प्रिंटिंग से पहले ही लीक हो गया था। बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल कथित रूप से वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर सबसे पहले कहां से बाहर आया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही छात्रों से पैसे लेकर पेपर उपलब्ध कराने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









