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दिल्ली में 22-24 मई ट्रक हड़ताल का ऐलान, ECC और नए नियमों के खिलाफ चक्का जाम की चेतावनी

दिल्ली में 22 से 24 मई तक ट्रक यूनियनों ने तीन दिवसीय ‘चक्का जाम’ का ऐलान किया है, जिससे राजधानी की आपूर्ति व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है। ट्रक ऑपरेटरों ने यह निर्णय पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) में बढ़ोतरी और परिवहन से जुड़े नए नियमों के विरोध में लिया है। उनका कहना है कि इन नीतियों से उनकी लागत बढ़ रही है और कारोबार पर दबाव पड़ रहा है।

ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और अन्य यूनियनों ने पंजाबी बाग में हुई बैठक में यह फैसला लिया, जिसमें ऑटो और टैक्सी यूनियन भी शामिल थीं। यूनियनों का कहना है कि इस दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले सभी मालवाहक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। हड़ताल के चलते फल, सब्जियां, दूध, दवाइयां और अन्य रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है। इससे बाजारों में कमी और कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।

ट्रांसपोर्टर्स ने दिल्ली में लोडिंग-अनलोडिंग वाहनों पर ECC बढ़ाने, 1 नवंबर से BS-4 वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध और BS-6 वाहनों पर भी शुल्क लगाने जैसे फैसलों का विरोध किया है। उनका कहना है कि BS-6 वाहन पहले से ही पर्यावरण मानकों का पालन करते हैं, इसलिए उन पर अतिरिक्त शुल्क अनुचित है। यूनियनों का तर्क है कि ECC केवल ट्रांजिट वाहनों पर लागू होना चाहिए, न कि उन ट्रकों पर जो दिल्ली की दैनिक जरूरतों की आपूर्ति करते हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और लंबा खिंच सकता है।