National

PM मोदी के इस्तीफे की अफवाह निकली फर्जी, NEET प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे को लेकर वायरल हो रहे दावे को केंद्र सरकार ने पूरी तरह फर्जी करार दिया है। इंटरनेट पर एक कथित इस्तीफा पत्र तेजी से साझा किया जा रहा था, जिसमें राष्ट्रीय प्रतीक और पीएम मोदी जैसे दिखने वाले हस्ताक्षर मौजूद थे। पत्र में व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री पद छोड़ने की बात कही गई थी। हालांकि, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की ओर से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है और वायरल दस्तावेज पूरी तरह भ्रामक है। PIB ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसे साझा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें।

वहीं, NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों पर दिल्ली सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कहा है कि आंदोलन में शामिल सामान्य छात्रों और स्वयंसेवकों के खिलाफ आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है या जो हिंसक घटनाओं में शामिल पाए गए हैं, उन्हें यह राहत नहीं मिलेगी।

गृह विभाग के अनुसार, NEET विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कुल 13 मामले दर्ज किए गए थे। सरकार ने पुलिस को निर्देश दिया है कि जिन लोगों की गिरफ्तारी या हिरासत की समीक्षा लंबित है, उसे जल्द पूरा किया जाए और पात्र लोगों को राहत दी जाए। वहीं हिंसा में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

गौरतलब है कि NEET पेपर लीक के आरोपों के बाद शुरू हुए आंदोलन ने देशभर में जोर पकड़ा था। 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पुलिस का दावा है कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल हजारों लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है, जिनमें कई लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।