केंद्र सरकार की टेलीकॉम आरएंडडी संस्था C-DOT ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संस्था ने सी-डॉट कोलैबोरेटिव रिसर्च प्रोग्राम (CCRP) के तहत Jumps Automation LLP के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण को आधुनिक, इंटरैक्टिव और प्रभावी अनुभव में बदलना है। संचार मंत्रालय के अनुसार, इस साझेदारी के तहत एक उन्नत प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जिसमें गेमिंग एरिना, लीडरबोर्ड, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम और चर्चा मंच जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही फिशिंग, सोशल इंजीनियरिंग, मैलवेयर से बचाव और संकट प्रबंधन जैसे विषयों पर आधारित वास्तविक सिमुलेशन भी दिए जाएंगे, जिससे उपयोगकर्ताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।
इस प्लेटफॉर्म की खास बात इसका एआई-संचालित व्यवहार विश्लेषण इंजन होगा, जो उपयोगकर्ताओं के प्रदर्शन का लगातार आकलन करेगा, चुनौतियों के स्तर को उनके अनुसार समायोजित करेगा और नए साइबर खतरों के अनुसार कंटेंट को अपडेट रखेगा। साथ ही इसमें पुरस्कार और प्रदर्शन ट्रैकिंग सिस्टम भी शामिल होगा, जो सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाएगा। सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय के अनुसार, यह पहल लोगों और संगठनों को साइबर खतरों की पहचान करने, उनसे निपटने और वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपनाने में मदद करेगी। इस कदम से देश में साइबर सुरक्षा जागरूकता और डिजिटल लचीलापन मजबूत होने की उम्मीद है।









