प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने साझा बयान जारी किया और कई समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। बैठक में व्यापार, तकनीक, संस्कृति और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लगभग आठ वर्षों बाद कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र, कानून का सम्मान और बाजार आधारित अर्थव्यवस्था दोनों देशों के साझा मूल्य हैं। इन समानताओं के कारण पिछले दशक में भारत-कोरिया संबंध और अधिक मजबूत और व्यापक हुए हैं।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार फिलहाल 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसे 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘इंडिया-कोरिया फाइनेंशियल फोरम’ और औद्योगिक विकास के लिए ‘इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी’ का गठन किया गया है।
इसके अलावा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईटी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने के लिए ‘इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज’ शुरू किया जाएगा। सप्लाई चेन और महत्वपूर्ण तकनीकों के लिए ‘इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग’ भी शुरू करने की घोषणा हुई है। दोनों देशों ने शिप बिल्डिंग, स्टील, सस्टेनेबिलिटी और रचनात्मक क्षेत्रों जैसे फिल्म और गेमिंग में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।









