पंजाब में धार्मिक ग्रंथों के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने ऐलान किया है कि Guru Granth Sahib की बेअदबी से जुड़े मामलों में कानून को और कड़ा बनाया जाएगा। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, दोषी पाए जाने वालों को कम से कम 10 साल की सजा से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान किया जाएगा।
सरकार 13 अप्रैल, बैसाखी के मौके पर, इस संशोधन को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है। यह संशोधन ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2008’ में किया जाएगा, ताकि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराध समाज में असंतोष और तनाव पैदा करते हैं, इसलिए सख्त कानून समय की मांग है।
इस मुद्दे पर बोलते हुए मान ने Shiromani Akali Dal और पूर्व सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले हुई घटनाओं में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में नाराजगी बनी रही। सरकार का कहना है कि इस संशोधन से न सिर्फ कानून मजबूत होगा, बल्कि समाज में धार्मिक सौहार्द बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। इसके लिए संत समाज और विभिन्न संगठनों से भी राय ली जा रही है, ताकि कानून व्यापक और प्रभावी बन सके।









