शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की मृत्यु को लेकर एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है. शिंदे गुट के विधायक राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बाल ठाकरे की मृत्यु और पार्थिव शरीर को लेकर कई सवाल हैं. इसके जवाब में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित और झूठा करार दिया. उद्धव गुट के नेता अनिल परब ने कहा कि यह हमला केवल उद्धव ठाकरे की छवि को नुकसान पहुंचाने और आगामी बीएमसी चुनाव से पहले लोगों को गुमराह करने की कोशिश है.
परब ने राम कदम के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की बात कही और उनके निजी जीवन पर भी सवाल उठाते हुए 1993 में उनकी पत्नी की मृत्यु पर नार्को टेस्ट की मांग की. इसके जवाब में राम कदम ने कहा कि उनकी पत्नी की मौत एक हादसा थी, जिसमें वह खुद भी घायल हुए थे. उन्होंने परब के आरोपों को झूठा बताते हुए उनके खिलाफ भी मानहानि का केस करने की बात कही. राम कदम ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखने की बात कही है. यह राजनीतिक विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और अब कानूनी लड़ाई का रूप लेने की ओर बढ़ रहा है.









