दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने अंतरराष्ट्रीय गोद लेने की योजनाओं में बरती गई लापरवाही को लेकर गहरा खेद जताया है. गुरुवार को उन्होंने एक सार्वजनिक पोस्ट के ज़रिए विदेशों में गोद लिए गए बच्चों और उनके जन्म परिवारों से देश की ओर से माफी मांगी. हाल ही में एक स्वतंत्र सत्यनिष्ठा आयोग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वर्षों से चल रही इन योजनाओं में बच्चों को विदेश भेजते समय प्रक्रियात्मक पारदर्शिता और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हुआ. कई मामलों में गोद लिए गए बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, धोखाधड़ी और पहचान की गड़बड़ियों की पुष्टि हुई है.
राष्ट्रपति ली ने कहा कि जब वे इन बच्चों की पीड़ा और उनके जीवन में आई पहचान संबंधी उलझनों के बारे में सोचते हैं, तो यह बेहद दुखद होता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गोद लिए गए बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए और उन बच्चों को उनके जन्मदाता परिवारों से मिलाने के प्रयास तेज किए जाएं. इस कदम को मानवाधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण स्वीकारोक्ति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता और संवेदनशीलता लाने की उम्मीद है.









