उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने बेसहारा महिलाओं के पुनर्वास के लिए मुफ्त आवास उपलब्ध कराने की योजना पर पहल की है। प्रस्ताव के तहत तीन तलाक और हलाला के बाद बेघर हुई महिलाओं के साथ आर्थिक रूप से कमजोर विधवाओं को वक्फ की संपत्तियों और उपलब्ध संसाधनों के जरिए आवास देने पर विचार किया जा रहा है।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि जिन महिलाओं के पास रहने के लिए अपना घर नहीं है और वे आर्थिक रूप से बेसहारा हैं, उन्हें इस योजना का लाभ देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्तियों से मिलने वाले संसाधनों का इस्तेमाल जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए होना चाहिए।
शम्स के मुताबिक, वक्फ बोर्ड के पास विभिन्न जिलों में बड़ी मात्रा में जमीन उपलब्ध है। अवैध कब्जे हटाने के बाद खाली कराई गई जमीन और भवनों का इस्तेमाल जरूरतमंद महिलाओं के लिए आवास उपलब्ध कराने में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के बाद कई महिलाएं आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करती हैं। प्रस्तावित योजना का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को सुरक्षित आवास देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। हालांकि, समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह योजना प्रस्तावित है। अंतिम निर्णय वक्फ बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा।


