Bihar

बिहार वोटर लिस्ट SIR पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, प्रक्रिया को बताया संवैधानिक

Supreme Court of India ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए इस प्रक्रिया को पूरी तरह वैध और संवैधानिक करार दिया है। मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि केवल इस आधार पर SIR प्रक्रिया को अवैध (अल्ट्रा वायर्स) नहीं ठहराया जा सकता कि यह सामान्य मतदाता सूची पुनरीक्षण से अलग है। अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग को कानून के तहत ऐसी प्रक्रिया अपनाने का अधिकार प्राप्त है। दरअसल, बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थीं।

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और उससे जुड़े नियम चुनाव आयोग को इतने बड़े स्तर पर SIR कराने की अनुमति नहीं देते। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया कानूनी रूप से मान्य है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा सकती है। इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 29 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब 27 मई को सुनाए गए फैसले में सुप्रीम Court ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया को सही ठहराते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष पुनरीक्षण जैसी प्रक्रियाएं संविधान के दायरे में हैं।