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नीट री-एग्जाम में बड़ा फर्जीवाड़ा बेनकाब, बिहार में सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश, 24 गिरफ्तार

बिहार में नीट री-एग्जाम के दौरान एक बड़े सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ है। लखीसराय जिले में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में परीक्षा में धांधली करने वाले नेटवर्क को समय रहते पकड़ लिया गया। इस मामले में अब तक 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, गैंग परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों के जरिए सफलता दिलाने की योजना पर काम कर रहा था।

जांच में सामने आया है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास कराने के लिए लाखों रुपये की डील की गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, एक अभ्यर्थी को पास कराने के लिए करीब 40 लाख रुपये तक की रकम तय की गई थी। पुलिस ने पांच मेडिकल छात्रों को भी गिरफ्तार किया है, जिनमें पीएमसीएच का एक छात्र शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा तीन परीक्षा केंद्रों से नौ फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया, जो वास्तविक उम्मीदवारों की जगह परीक्षा दे रहे थे।

मामले की जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। परीक्षा में पहचान सत्यापन की जिम्मेदारी संभालने वाली बायोमेट्रिक कंपनी के कई कर्मचारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। पुलिस ने कंपनी के एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में उनकी क्या भूमिका थी।

पुलिस ने इस गिरोह के कथित मास्टरमाइंड अर्पित राज को भी गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि उसका नाम पहले भी परीक्षा संबंधी विवादों में सामने आ चुका है। वहीं, बीएचयू की एक नर्सिंग छात्रा को भी किसी अन्य अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने के आरोप में पकड़ा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। इस घटना के बाद परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।