जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध Vaishno Devi Temple से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर में चढ़ावे के रूप में दी जा रही चांदी की वस्तुओं की जांच में बड़े स्तर पर मिलावट उजागर हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन वस्तुओं में वास्तविक चांदी की मात्रा महज 5 से 6 प्रतिशत पाई गई, जबकि बाकी हिस्सा सस्ती और हानिकारक धातुओं, जैसे कैडमियम और लोहे से बना था।
Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board ने हाल ही में करीब 20 टन धातु को शुद्धिकरण और मूल्यांकन के लिए दिल्ली की सरकारी टकसाल भेजा। प्रारंभिक अनुमान था कि इससे 500 से 550 करोड़ रुपये मूल्य की चांदी प्राप्त होगी, लेकिन जांच के बाद यह मूल्य घटकर लगभग 30 करोड़ रुपये रह गया। एक नमूना परीक्षण में 70 किलो सामग्री में से केवल 3 किलो ही शुद्ध चांदी निकली, जिससे मिलावट की गंभीरता स्पष्ट होती है।
जांच में यह भी सामने आया कि कैडमियम जैसी जहरीली धातु का उपयोग किया गया, जो गर्म करने पर खतरनाक धुएं छोड़ती है। इससे फेफड़ों और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है और लंबे समय में कैंसर का खतरा बढ़ता है। यह मामला न केवल आर्थिक धोखाधड़ी का संकेत देता है, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ विश्वासघात भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सख्त निगरानी जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और लोगों का भरोसा कायम रखा जा सके।









