पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा केंद्र सरकार को किए गए रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर को लेकर केंद्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आरबीआई के फंड का इस्तेमाल अपने “निजी खजाने” की तरह कर रही है, जबकि राज्यों को उनके हिस्से का पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा।
चीमा ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से केंद्र सरकार को आरबीआई से करीब 14.29 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। उनका दावा है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा पिछले तीन वर्षों में ट्रांसफर किया गया। उनके अनुसार, 2023-24 में लगभग 2.10 लाख करोड़ रुपये, 2024-25 में 2.68 लाख करोड़ रुपये और 2025-26 में करीब 2.87 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार को मिले हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि आरबीआई का सरप्लस केवल केंद्र की कमाई नहीं है, बल्कि इसमें पूरे देश और राज्यों की आर्थिक गतिविधियों का योगदान शामिल होता है। ऐसे में राज्यों को भी इस राशि में बराबरी का हिस्सा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की वित्तीय व्यवस्था सहकारी संघवाद के सिद्धांत पर आधारित है, लेकिन मौजूदा हालात में राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा है।
चीमा ने केंद्र सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन छिपाने के लिए आरबीआई के रिजर्व का लगातार उपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार बड़े स्तर पर फंड ले रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनता महंगाई, पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों से परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरबीआई के रिजर्व में लगातार हस्तक्षेप जारी रहा तो इससे केंद्रीय बैंक की संस्थागत स्वतंत्रता और देश की दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता पर असर पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने मांग की कि आरबीआई के अतिरिक्त लाभ को राज्यों के साथ निष्पक्ष तरीके से साझा किया जाए।









