पंजाब सरकार राज्य के औद्योगिक और व्यापारिक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए एक नई परिवहन व्यवस्था पर काम कर रही है। इसके तहत भारतीय रेलवे से मालगाड़ियों को लीज पर लेकर उद्योगों और व्यापारियों के लिए तेज, किफायती और भरोसेमंद माल परिवहन प्रणाली विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही केंद्रीय रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रस्तावित योजना के तहत विशेष मालवाहक रैक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उद्योगों को रेलवे में माल ढुलाई के लिए लंबी प्रतीक्षा से राहत दिलाना और समय पर परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि इससे उद्योगों की उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला पहले से अधिक प्रभावी होगी।
योजना लागू होने के बाद लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मंडी गोबिंदगढ़, राजपुरा और बठिंडा जैसे प्रमुख औद्योगिक शहरों को देश के बड़े व्यापारिक केंद्रों और समुद्री बंदरगाहों से बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इससे निर्यात करने वाले उद्योगों को अपने उत्पाद समय पर बंदरगाहों तक पहुंचाने में सुविधा होगी और विदेशी ऑर्डर पूरे करना आसान हो जाएगा।
रेल मार्ग से माल ढुलाई सड़क परिवहन की तुलना में अधिक किफायती मानी जाती है। एक साथ बड़ी मात्रा में माल भेजे जाने से परिवहन लागत कम होगी, समय की बचत होगी और उद्योगों का परिचालन खर्च भी घटेगा। इसका सबसे अधिक लाभ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अब तक परिवहन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता रहा है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में नए औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स हब और अन्य सहायक बुनियादी ढांचे का भी विस्तार होगा। वर्तमान में पंजाब के टेक्सटाइल, साइकिल, मशीन टूल्स, कृषि उपकरण, स्टील और खेल सामान उद्योग मुख्य रूप से ट्रकों पर निर्भर हैं। बढ़ती ईंधन कीमतों और यातायात बाधाओं के बीच रेल आधारित परिवहन व्यवस्था उद्योगों के लिए अधिक प्रभावी और टिकाऊ विकल्प साबित हो सकती है।


