पंजाब और हरियाणा के बीच सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाधान की दिशा में आगे बढ़ा है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के बीच हाल ही में हुई बैठक में चर्चा सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में हुई।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद कहा कि यह मुद्दा कई सालों से लंबित है और दोनों पक्षों ने अपने-अपने दृष्टिकोण स्पष्ट किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हरियाणा पंजाब का विरोधी नहीं बल्कि भाई समान है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में पानी का वितरण और रख-रखाव केवल दोनों राज्यों के सहयोग और संवाद से ही सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों की नियमित बैठकें अब तय होंगी और किसी निश्चित तारीख का इंतजार किए बिना बातचीत जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार समाधान निकालने के लिए अधिकारी पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछली उच्चस्तरीय बैठकों में कई बार अधिकारी अपने पक्ष को पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पाए, लेकिन अब यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सार्थक होगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भी बैठक को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि अच्छे माहौल में हुई बातचीत से उम्मीद है कि समाधान निकलेगा। उन्होंने पुष्टि की कि दोनों राज्यों के अधिकारी नियमित रूप से मिलकर मुद्दों पर चर्चा करेंगे और प्रयास जारी रहेगा कि SYL विवाद का निष्पक्ष और स्थायी समाधान निकले। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संवाद की पारदर्शिता का संदेश दिया और जनता को आश्वस्त किया कि किसी भी राज्य का हित क्षति में नहीं जाएगा।









