कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों को बड़ी राहत देते हुए गलत मेंबर आईडी (MID) को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से डी-लिंक करने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। 13 अप्रैल 2026 को जारी नए सर्कुलर के अनुसार, अब कर्मचारी उन मामलों में भी गलत MID को हटा सकते हैं, जहां उस आईडी में EPF योगदान जमा हो चुका है। पहले ऐसी स्थिति में डी-लिंक करना काफी जटिल प्रक्रिया थी।
EPFO के मुताबिक, यह सुविधा उन मामलों के लिए लागू की गई है जहां कर्मचारी की जानकारी के बिना गलत मेंबर आईडी बन गई हो या एक ही UAN से कई MID जुड़ गए हों, जिससे PF ट्रांसफर और निकासी में दिक्कतें आती थीं। हालांकि, कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। यदि किसी मेंबर आईडी से क्लेम पहले ही निपटाए जा चुके हैं, या लंबित हैं, या उस पर छह से अधिक बार योगदान आ चुका है, तो ऐसे मामलों में डी-लिंकिंग की अनुमति नहीं होगी।
नई प्रक्रिया के तहत कर्मचारी EPFO मेंबर पोर्टल पर लॉग इन करके “Service History” सेक्शन में जा सकते हैं और संबंधित MID पर “De-link” विकल्प चुन सकते हैं। अनुरोध पहले नियोक्ता के पास जाएगा, जो उसे स्वीकार या अस्वीकार करेगा। यदि नियोक्ता दो सप्ताह तक कोई कार्रवाई नहीं करता है, या 2 से अधिक लेकिन 6 तक योगदान वाले मामलों में, तो यह मामला क्षेत्रीय EPFO कार्यालय को भेजा जाएगा। इसके बाद जांच और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मंजूरी मिलने पर MID को UAN से हटा दिया जाएगा।
EPFO ने यह भी स्पष्ट किया है कि डी-लिंक किए गए खातों के बैलेंस को ट्रांसफर करने को लेकर अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जिसमें संभावित रूप से SRF (Suspense Reserve Fund) में ट्रांसफर का प्रावधान शामिल हो सकता है। इस बदलाव से लाखों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों को जिनके UAN से गलत या डुप्लीकेट मेंबर आईडी जुड़ गई थीं।









