कांग्रेस नेता और पार्टी के मीडिया विभाग प्रमुख पवन खेड़ा को कानूनी झटका लगा है, क्योंकि गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज कराए गए मामले से जुड़ी थी, जिसमें कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियों के आरोप शामिल हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह पवन खेड़ा के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस अपने मीडिया प्रमुख के साथ एकजुट है और उन्हें न्याय मिलने का पूरा विश्वास है। उन्होंने इसे ‘उत्पीड़न की राजनीति’ करार देते हुए कहा कि अंततः न्याय की जीत होगी। इससे पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा को सात दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन असम पुलिस की अपील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने को कहा था। अब हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की तैयारी में है।









