जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में आतंकवाद विरोधी अभियानों को और मजबूत बनाने के लिए भारतीय सेना ने बड़ा कदम उठाया है। सेना ने राष्ट्रीय राइफल्स की यूनिट्स के लिए 159 नए बुलेटप्रूफ ट्रूप कैरियर (BPTC) खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 30 अप्रैल को रिक्वेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन (RFI) जारी किया गया है। योजना के तहत कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद हर साल कम से कम 60 वाहनों की डिलीवरी का लक्ष्य रखा गया है। यह 4×4 आर्मर्ड वाहन होंगे, जिनमें ड्राइवर और को-ड्राइवर समेत कुल 30 जवान बैठ सकेंगे। इनकी पेलोड क्षमता करीब 3 टन होगी और कुल वजन 20 टन से कम रखा जाएगा।
साथ ही, न्यूनतम 200 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ इन्हें कठिन इलाकों में संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए इन वाहनों को विशेष रूप से डिजाइन किया जाएगा। ये सड़क पर 80-100 किमी/घंटा और ऑफ-रोड 50-75 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे। इनकी रेंज मैदान में 350 किमी और पहाड़ी इलाकों में 300 किमी तक होगी, जबकि 5,000 मीटर की ऊंचाई और -10°C से +40°C तक के तापमान में भी ये प्रभावी रहेंगे।
सुरक्षा के लिहाज से ये वाहन NATO STANAG Level III मानकों के अनुरूप होंगे, जो 7.62 मिमी आर्मर-पियर्सिंग गोलियों और विस्फोटों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। वाहन के सभी हिस्से—साइड, छत, नीचे का भाग और ग्लास पूरी तरह बुलेटप्रूफ होंगे। इसके अलावा, छत पर 360 डिग्री घूमने वाला गनर हैच, 7.62 मिमी मशीन गन लगाने की सुविधा और हर साइड पर फायरिंग पोर्ट दिए जाएंगे। फिलहाल राष्ट्रीय राइफल्स के पास कई पुराने और सीमित क्षमता वाले प्रोटेक्टेड वाहन हैं। नए ट्रूप कैरियर उनकी जगह लेंगे और जवानों की सुरक्षा के साथ ऑपरेशनल क्षमता को भी बढ़ाएंगे।









