प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में आयोजित जनसभा के दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ईरान में जारी युद्ध के बीच विपक्षी दल देश में भ्रम और डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत अंतरराष्ट्रीय संकट से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होकर काम कर रहा है, तब विपक्ष गलत सूचनाएं फैलाकर राजनीतिक लाभ उठाने में जुटा है। मोदी के मुताबिक, विपक्ष को देश की मुश्किलों से कोई सरोकार नहीं है और वह संकट के समय भी सरकार को घेरने का अवसर तलाशता है।
सभा में प्रधानमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर पिछली सरकारों को भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर किसानों को गुमराह किया, जबकि उनकी सरकार ने कृषि और किसान कल्याण को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण खाद की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई, लेकिन सरकार ने इसका आर्थिक बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। इसके लिए सरकार ने करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। मोदी ने बताया कि देश के किसानों को अब तक 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड दिए जा चुके हैं। सरकार खेती और पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र की अहम भूमिका है, जिसमें महिलाओं का योगदान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने PM-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के रूप में 19,000 करोड़ रुपये जारी किए। उन्होंने किसानों को देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि उनका आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की नीतियों का प्रमुख हिस्सा है। कार्यक्रम में दो बायो-CNG प्लांट की आधारशिला भी रखी गई। मोदी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार, दूध उत्पादन बढ़ाने और गोबर का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़े और गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए अक्टूबर 2001 में पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दिनों को भी याद किया।


