महाराष्ट्र की राजनीति में आमतौर पर आरोप-प्रत्यारोप और सियासी टकराव की चर्चा होती रहती है, लेकिन मुंबई के दादर स्थित सावरकर स्मारक में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां मराठी राजनीतिक कार्टूनों के इतिहास पर आधारित पुस्तक ‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ के विमोचन समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए। तीनों नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी। हालांकि इस मुलाकात को किसी राजनीतिक समीकरण या गठबंधन से जोड़ना जल्दबाजी होगी, लेकिन कार्यक्रम में हुई हंसी-मजाक ने सबका ध्यान खींचा।
कार्टूनिस्ट प्रशांत कुलकर्णी द्वारा संपादित इस पुस्तक के कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर कला और संस्कृति के लिए नेताओं को साथ आना चाहिए। इस पर राज ठाकरे ने चुटकी लेते हुए कहा कि वह फडणवीस को दोबारा भी आमंत्रित करेंगे, लेकिन शेलार को यह सुनिश्चित करना होगा कि मुख्यमंत्री 2029 तक पद पर बने रहें। उनकी इस टिप्पणी पर सभागार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने चुटीले अंदाज से लोगों को खूब हंसाया। उन्होंने मंच पर बैठने की व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि राज और उद्धव ठाकरे ने बाईं ओर से भाषण दिया, इसलिए वह दाईं ओर आ गए। उन्होंने मजाक में कहा कि जब बाकी सभी लोग लेफ्ट में चले गए हैं, तो उनका राइट में आना स्वाभाविक है। फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि 2019 से पहले उद्धव जब भी उन्हें बुलाते थे, वह जरूर जाते थे, लेकिन उसके बाद उन्हें कभी आमंत्रित नहीं किया गया। इस तरह पुस्तक विमोचन का यह समारोह राजनीतिक बयानबाजी के बजाय हंसी-मजाक और हल्के-फुल्के संवाद के लिए यादगार बन गया।


