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NEET-UG परीक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी, संसदीय समिति ने NTA को वैधानिक दर्जा देने की सिफारिश

नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के उद्देश्य से संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की सिफारिश की है। हाल ही में हुई बैठक में समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को वैधानिक दर्जा देने, परीक्षा प्रक्रिया को आधुनिक बनाने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कई अहम सुझाव दिए।

समिति ने सुझाव दिया कि NEET-UG को एक ही दिन आयोजित करने के बजाय कई चरणों और कई शिफ्टों में आयोजित किया जाए। साथ ही परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) और पेपरलेस बनाने पर भी जोर दिया गया। हालांकि, सदस्यों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बदलाव को लागू करते समय ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों की डिजिटल पहुंच और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बैठक में यह भी सुझाव सामने आया कि MBBS, AYUSH और नर्सिंग जैसे विभिन्न मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाएं, ताकि एक ही परीक्षा पर अत्यधिक दबाव कम हो सके। परीक्षा प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के उपयोग से नकल और धोखाधड़ी रोकने की भी सिफारिश की गई।

समिति ने 21 जून को आयोजित NEET-UG पुनर्परीक्षा के सफल संचालन की सराहना की, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठाया कि भविष्य में NTA इतने बड़े स्तर की परीक्षा अपने दम पर कैसे आयोजित करेगा। सदस्यों का मानना था कि एजेंसी को स्वतंत्र रूप से ऐसी परीक्षाएं संचालित करने के लिए अधिक अधिकार और कानूनी दर्जा मिलना आवश्यक है। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर देर से पहुंचने के कारण कई अभ्यर्थियों के परीक्षा से वंचित रहने के मामलों पर भी चिंता व्यक्त की गई। समिति ने ऐसे छात्रों के लिए अधिक संवेदनशील और व्यावहारिक व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा सुधारों के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।