नितिन गडकरी के नेतृत्व में सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 27 अप्रैल को एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें ईंधन मानकों और उत्सर्जन नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के अनुसार, पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की सीमा को मौजूदा E-10 से बढ़ाकर E-20 तक करने की योजना है। साथ ही, नए मानकों में E85 और E100 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रित ईंधन के लिए वाहन मानकों को भी शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, बी100 बायोडीजल से जुड़े प्रावधान भी ड्राफ्ट में जोड़े गए हैं।
यह ड्राफ्ट फिलहाल सार्वजनिक सुझाव (पब्लिक कमेंट) के लिए जारी किया गया है, जिसमें आम नागरिक और उद्योग जगत अपनी राय दे सकते हैं। सभी सुझावों पर विचार के बाद सरकार अंतिम निर्णय लेगी। सरकार का उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। इथेनॉल मिश्रण बढ़ने से कच्चे तेल की खपत घटने की उम्मीद है, जिससे आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे पहले भी नितिन गडकरी कई मंचों पर यह संकेत दे चुके हैं कि भविष्य में पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की भूमिका सीमित हो सकती है और देश को तेजी से बायोफ्यूल और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ना होगा।









