महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। राज्य में अब स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में स्टिंग जैसे एनर्जी ड्रिंक की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह घोषणा राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवाल ने विधानसभा में की।
यह मुद्दा बीजेपी विधायक विक्रम पाचपुते ने विधानसभा में उठाया। उन्होंने एनर्जी ड्रिंक की एक बोतल का उदाहरण देते हुए बताया कि उत्पाद के लेबल पर स्वयं कंपनी ने चेतावनी दी है कि यह पेय बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए उपयुक्त नहीं है। उनका तर्क था कि यदि निर्माता कंपनी खुद इसे बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं मानती, तो इसकी बिक्री पर भी सख्त नियंत्रण होना चाहिए।
विधायक ने कहा कि ऐसे एनर्जी ड्रिंक में कैफीन, टॉरिन और शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इससे हृदय की धड़कन तेज होने सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से तंबाकू उत्पादों की तरह बच्चों को एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर भी व्यापक प्रतिबंध लगाने की मांग की।
जवाब में मंत्री नरहरि झिरवाल ने कहा कि सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल परिसरों के 500 मीटर के दायरे में ऐसे पेय पदार्थों की बिक्री रोकने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि केवल प्रतिबंध ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एनर्जी ड्रिंक के संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए राज्यभर में विशेष जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा।
विधायक विक्रम पाचपुते ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल स्कूलों के आसपास बिक्री रोकना नहीं, बल्कि पूरे राज्य में बच्चों को एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर स्पष्ट कानून और प्रभावी नीति लागू कराना है, ताकि भविष्य में बच्चों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


