दक्षिण कोलकाता के तारातला इलाके में गोदाम की छत ढहने से हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। राहत एवं बचाव अभियान के तीसरे दिन भी सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), कोलकाता पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। देर रात मलबे से दो और शव बरामद किए गए, जबकि अस्पताल में उपचाराधीन दो घायल श्रमिकों ने भी दम तोड़ दिया।
मृतकों में बिहार के मुंगेर निवासी 19 वर्षीय मन्नू कुमार भी शामिल हैं, जिन्हें हादसे के दिन मलबे से गंभीर हालत में निकाला गया था। देर रात सर्जरी के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस दुर्घटना में उनके भाई की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि उनके पिता अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अभी भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। बचाव दल अत्यंत सावधानी के साथ लोहे की बीम काटकर और भारी कंक्रीट स्लैब हटाकर अंदर तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। फंसे लोगों का पता लगाने के लिए आधुनिक कैमरों और सक्रिय मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैकिंग तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। एनडीआरएफ के अनुरोध पर भारतीय रेल की विशेष तकनीकी टीम भी ऑक्सी-कटिंग मशीनों के साथ अभियान में शामिल हो गई है।
इस बीच, गोदाम ढहने के कारणों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। मामले में नामजद पांच लोगों में शामिल मुख्य ठेकेदार का शव भी घटनास्थल से बरामद हुआ है। वहीं, जांच के सिलसिले में कोलकाता के पूर्व महापौर फिरहाद हकीम के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) कालीचरण बंदोपाध्याय को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मलबे की पूरी तरह तलाशी पूरी होने तक राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा।


