मणिपुर में शांति बहाल करने की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग गांव में रविवार शाम हथियारबंद हमलावरों द्वारा की गई अंधाधुंध गोलीबारी में एक आठ वर्षीय बच्ची और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
पुलिस के अनुसार, घायल महिला की पहचान 56 वर्षीय नेन्गनेइचोंग किपजेन के रूप में हुई है, जबकि घायल बच्ची आठ वर्षीय लामनेइंगा किपजेन है। दोनों को पहले नजदीकी असम राइफल्स कैंप में प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए देर रात इंफाल स्थित क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद रिम्स अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। उल्लेखनीय है कि जून महीने में भी कांगपोकपी जिले में हुई गोलीबारी के बाद घायल कुकी समुदाय के तीन युवकों को रिम्स लाए जाने पर विरोध प्रदर्शन भड़क गया था। उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि घायलों में हथियारबंद लोग शामिल थे और अस्पताल परिसर में प्रवेश करने की भी कोशिश की थी।
ताजा हमले के बाद कुकी समुदाय के प्रमुख संगठन कुकी इनपी मणिपुर (केआईएम) ने घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने आरोप लगाया कि इस हमले में कुछ उग्रवादी समूहों की भूमिका हो सकती है। केआईएम का कहना है कि निहत्थे नागरिकों को निशाना बनाना मानवता और कानून व्यवस्था पर गंभीर हमला है। साथ ही संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार से आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना ने एक बार फिर मणिपुर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


