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फार्मा उद्योग की समस्याओं को लेकर HDMA के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधान सचिव उद्योग से की मुलाकात

हिमाचल ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (HDMA) के प्रतिनिधिमंडल ने आज हिमाचल प्रदेश सरकार की प्रधान सचिव (उद्योग) एम. सुधा से हिमाचल प्रदेश सचिवालय, शिमला में मुलाकात की। बैठक में उद्योग निदेशक-कम-एमडी, एचपी स्टेट पावर कॉरपोरेशन आदित्य नेगी, आईएएस तथा अतिरिक्त निदेशक (उद्योग) तिलकराज शर्मा भी उपस्थित रहे। HDMA प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता, चेयरमैन सतीश सिंघल और मीडिया प्रवक्ता संजय शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के फार्मास्यूटिकल उद्योग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रधान सचिव के समक्ष रखा।

एचडीएमए ने दवाओं की NSQ (Not of Standard Quality) और SQ (Standard Quality) श्रेणियों को लेकर आवश्यक स्पष्टीकरण की मांग की। एसोसिएशन ने राज्यसभा और लोकसभा के आंकड़े भी प्रस्तुत किए और बताया कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 2.91 प्रतिशत दवाएं NSQ, जबकि लगभग 97 प्रतिशत दवाएं मानक गुणवत्ता (Standard Quality) की हैं। प्रतिनिधिमंडल ने स्टेट ड्रग कंट्रोल प्रशासन की भूमिका, CDSCO के निरीक्षण तथा एमएसएमई इकाइयों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।

बैठक में बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) और सिरमौर क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। HDMA ने कहा कि बार-बार बिजली जाने से उत्पादन प्रभावित होने के साथ-साथ मशीनरी को भी नुकसान पहुंच रहा है। एसोसिएशन ने फार्मा इकाइयों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा बिजली कटौती की स्थिति में स्पष्ट मॉडेलिटी और SOP तैयार करने की मांग रखी। इसके अलावा, मौजूदा फार्मा इकाइयों के विस्तार के लिए 2000 से 5000 वर्ग मीटर के प्लॉट उपलब्ध कराने तथा दीर्घकालिक फार्मा लैंड रोडमैप तैयार करने का मुद्दा भी उठाया गया। HDMA ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति को पड़ोसी राज्यों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात की नीतियों की प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाना चाहिए।

एसोसिएशन ने आगामी हिमाचल प्रदेश औद्योगिक नीति को फार्मा एमएसएमई के लिए अधिक अनुकूल बनाने के सुझाव भी दिए, ताकि प्रदेश में स्थापित फार्मास्यूटिकल उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बनी रहे और मौजूदा इकाइयों को प्रदेश में ही विस्तार के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। प्रधान सचिव एम. सुधा और अन्य अधिकारियों ने HDMA प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना तथा प्रदेश में फार्मा उद्योग के सतत एवं सकारात्मक विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। HDMA के अनुसार बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक माहौल में हुई।