Madhya Pradesh

ग्वालियर बनेगा शिक्षा का नया केंद्र, ऋषि गालव विश्वविद्यालय से खुलेगा विकास का मार्ग

ग्वालियर को मध्य प्रदेश का प्रमुख एजुकेशनल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने यहां ऋषि गालव विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय ग्वालियर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संस्थान न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर की धरती सदियों से वीरता, ज्ञान और कला की प्रतीक रही है। ऋषि गालव विश्वविद्यालय के माध्यम से यहां शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित होगी। यह विश्वविद्यालय आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कारों पर आधारित शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे ऐसे युवा तैयार होंगे जो ज्ञानवान, चरित्रवान और समाज के प्रति जिम्मेदार हों।

डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार कर रही है। पहले की तुलना में अब दीक्षांत समारोह हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं और पारंपरिक भारतीय वेशभूषा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा गुरू पूर्णिमा जैसे आयोजनों को भी शिक्षा प्रणाली से जोड़ा गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में कई नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें तात्या टोपे विश्वविद्यालय (गुना), टंट्या भील विश्वविद्यालय (खरगोन) और रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय शामिल हैं। साथ ही, सभी 55 जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर उच्च शिक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। ऋषि गालव विश्वविद्यालय के माध्यम से ग्वालियर शिक्षा, संस्कृति और नवाचार का एक नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।